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ग्रीस की ऊर्जा योजनाओं पर तुर्की के एजियन दावे

तुर्की अब ग्रीस की अपतटीय पवन परियोजनाओं, समुद्री उद्यानों और बिजली केबलों को भी चुनौती दे रहा है।

निकोलिटा कौरूशी साइप्रस में रहने वाली राजनीतिक वैज्ञानिक और पत्रकार हैं। उनका काम Phileleftheros अख़बार, Modern Diplomacy और Geostrategic Forecasting Corporation जैसे प्रकाशनों में प्रकाशित हो चुका है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिरेयस (University of Piraeus) से अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय अध्ययन में MSc की डिग्री हासिल की है।

Shoreline of the Aegean Sea in İzmir Province, Turkey.
तुर्की के इज़मिर प्रांत में एजियन सागर का तट। · Shutterstock

ग्रीस और तुर्की के बीच तनाव में क़रीब तीन साल की कमी के बावजूद एजियन में अंकारा के रुख़ में शायद ही कोई बदलाव आया है। पहले तुर्की अपने विवादों को ग्रीक द्वीपों और क्षेत्रीय जलसीमा तक सीमित रखता था, लेकिन अब वह अपने दावे ग्रीस की गतिविधियों के नए क्षेत्रों पर भी लागू कर रहा है, जैसे अपतटीय पवन फ़ार्म, समुद्री उद्यान और बिजली केबल।

यह इसलिए अहम है क्योंकि ऊर्जा परियोजनाएँ संप्रभुता और अधिकार-क्षेत्र के दावों को व्यावहारिक रूप दे सकती हैं। उदाहरण के लिए, ग्रीस तब तक कोई अपतटीय पवन फ़ार्म विकसित नहीं कर सकता, जब तक वह यह तय न कर ले कि उसे किस क्षेत्र में लाइसेंस देने का अधिकार है। तुर्की की दिलचस्पी ऐसी गतिविधियों को उन इलाक़ों में स्थापित प्रथा बनने से पहले ही चुनौती देने में है, जहाँ अंकारा ग्रीक अधिकारों पर विवाद करता है या भविष्य में विवाद करने की योजना रखता है।

ग्रीस का नवीकरणीय ऊर्जा के लिए नया ढाँचा इसी रवैये को दिखाता है। तुर्की ने अगस्त 2026 में इस योजना पर आपत्ति जताई और एक बार फिर उन भौगोलिक संरचनाओं का हवाला दिया जिनकी संप्रभुता, उसके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय संधियों ने कभी ग्रीस को नहीं सौंपी। एथेंस ने इस दावे को ख़ारिज कर दिया। संप्रभुता का यह विवाद पुराना है, लेकिन अंकारा अब इसका इस्तेमाल यह चुनौती देने के लिए कर रहा है कि ग्रीस कहाँ अपतटीय ऊर्जा विकसित कर सकता है।

समुद्री उद्यान भी इसी राह पर आगे बढ़े हैं। ग्रीस ने इस साल की शुरुआत में दो उद्यानों की घोषणा की थी, जिनमें एक एजियन में है। तुर्की ने अगस्त 2026 में अपने दो उद्यानों के ऐलान के साथ जवाब दिया, जिनमें एक लेमनोस और समोथ्रेस के बीच के जल क्षेत्र को कवर करता है। एथेंस का कहना है कि इनके कुछ हिस्से उन इलाक़ों तक फैले हैं जहाँ ग्रीस समुद्री अधिकारों का दावा करता है। इसलिए इनकी सीमाएँ इस बात पर प्रतिस्पर्धी नज़रियों को दर्शाती हैं कि समुद्र में अधिकार-प्रयोग कौन कर सकता है।

तुर्की ने उत्तर-पूर्वी एजियन में अपनी गतिविधि भी बढ़ा दी है। ग्रीक अधिकारियों ने अगस्त के मध्य से लेमनोस और समोथ्रेस के आसपास बायरकतार ड्रोन की लगातार उड़ानें दर्ज की हैं। अंकारा ने एजियन द्वीपों पर ग्रीक सैन्य मौजूदगी को लेकर अपनी आपत्तियाँ फिर दोहराई हैं, जबकि राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने एथेंस को उन द्वीपों पर सैन्य मज़बूती बढ़ाने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी है जिन्हें तुर्की के अनुसार असैन्यीकृत रहना चाहिए। ग्रीस इस दलील को ख़ारिज करता है और इसराइल के साथ अपने वायु एवं मिसाइल रक्षा कार्यक्रम ‘अकिलीज़ शील्ड’ पर आगे बढ़ रहा है।

2023 से ग्रीस-तुर्की संबंधों में सुधार के बावजूद ऐसे मतभेद बने रहे हैं। मैत्रीपूर्ण संबंधों और सद्भावपूर्ण पड़ोस पर एथेंस घोषणापत्र ने प्रवास, व्यापार और पर्यटन पर सहयोग का दायरा बढ़ाया। फिर भी उन विवादों पर बहुत कम प्रगति हुई जिनकी वजह से एजियन में पहले संकट पैदा होते रहे हैं।

ऊर्जा और बुनियादी ढाँचा इस व्यवस्था को क़ायम रखना और कठिन बना देते हैं। राजनयिक समुद्री अधिकार-क्षेत्र के किसी मतभेद को टाल सकते हैं। लेकिन कोई केबल पोत तब तक काम नहीं कर सकता, जब तक कोई सरकार उसके काम को अधिकृत न करे और नौवहन चेतावनियाँ जारी न करे। विवादित जल क्षेत्रों में ये फ़ैसले एथेंस और अंकारा को प्रतिस्पर्धी दावों के आधार पर क़दम उठाने को मजबूर करते हैं।

‘ओशन लिंक’ का मामला दिखाता है कि क्या हो सकता है। 11 सितंबर 2026 को लेमनोस स्थित ग्रीक स्टेशन ने इस पोत के लिए नौवहन चेतावनी जारी की, ताकि वह 13 सितंबर से कियोस के उत्तर-पश्चिम में केबल रखरखाव का काम कर सके। तुर्की ने एजियन के कुछ हिस्सों में ऐसे काम पर ग्रीस के अधिकार को चुनौती दी है, और इसी पोत को इस साल दो बार तुर्की के हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा है।

ऐसी घटनाएँ बताती हैं कि तुर्की अपने दावों को आगे बढ़ाने के लिए ग्रीस की स्वीकृति के बिना भी दबाव बना सकता है। नागरिक पोतों को चुनौती देने से विवादित जल क्षेत्रों में परियोजनाओं की राजनीतिक और सुरक्षा लागत बढ़ जाती है और एथेंस को यह तय करने पर मजबूर होना पड़ता है कि टकराव के ख़तरे के बावजूद आगे बढ़ा जाए या नहीं।

क्रीट-साइप्रस बिजली केबल इसी समस्या को और बड़े पैमाने पर दिखाती है। ग्रीस को उम्मीद है कि समुद्र-तल सर्वेक्षण संभवतः अक्टूबर में फिर शुरू होंगे, जिनमें वे जल क्षेत्र भी शामिल हैं जो लीबिया के साथ तुर्की के 2019 के समुद्री समझौते पर आधारित दावों से प्रभावित हैं। एथेंस अंकारा के दावों को ख़ारिज करता है और कहता है कि वह तुर्की की अनुमति नहीं माँगेगा। तुर्की से मंज़ूरी माँगना उन दावों को वज़न दे सकता है जिन्हें ग्रीस अवैध मानता है।

यह मुद्दा वॉशिंगटन के लिए भी अहम है। अमेरिका ने ग्रीस, साइप्रस और यूरोप के बीच ऊर्जा संपर्कों का समर्थन किया है, जिनमें वे परियोजनाएँ भी शामिल हैं जो साइप्रस के ऊर्जा अलगाव को कम कर सकती हैं। तुर्की का ऐसा दबाव, जो इन परियोजनाओं में देरी कराए, उन योजनाओं को प्रभावित करेगा जिनका अमेरिका ने क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को गहरा करने के हिस्से के रूप में समर्थन किया है।

वॉशिंगटन एजियन के हर क़ानूनी विवाद पर रुख़ अपनाए बिना ग्रीस और तुर्की के बीच बातचीत का समर्थन कर सकता है। साथ ही, उसे नागरिक सर्वेक्षण या निर्माण कार्य रोकने के लिए सैन्य पोतों के इस्तेमाल का विरोध करना चाहिए।

ऐसे दबाव को यह तय करने देना कि कोई परियोजना आगे बढ़े या नहीं, तुर्की को उन समुद्री दावों के आधार पर बुनियादी ढाँचे पर प्रभाव डालने देगा जिन्हें ग्रीस ख़ारिज करता है।

क्रीट-साइप्रस केबल जल्द ही इस सवाल को केंद्र में ला सकती है। जब सर्वेक्षण पोत लौटेंगे, तो दोनों पक्षों को तय करना होगा कि वे अपने दावों को कहाँ तक आगे बढ़ाने को तैयार हैं।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: Turkey Takes Its Aegean Claims Into Greece’s Energy Plans

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