एथेंस से अमेरिकी विदेश मंत्री के संदेशों को तुर्की ने कैसे पढ़ा
रूबियो ने एथेंस को रक्षा, ऊर्जा और सीमा प्रबंधन में समाधान देने वाले साझेदार के रूप में पेश किया।
क्रिस्टोस कोन्स्टैन्टिनिडिस एक पत्रकार हैं, Geopolitico.gr के प्रधान संपादक हैं, PontosVoice.com के सह-स्वामी हैं और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्ट्रैटेजी (International Institute of Strategy) के सदस्य हैं।

एथेंस यात्रा के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने 7 अक्टूबर 2026 को एक्रोपोलिस के सामने स्थित निक्स (Pnyx) में जोशीला भाषण दिया—उस जगह से कुछ ही मीटर दूर, जहाँ संत पॉल ने प्राचीन एथेंसवासियों को सुसमाचार सुनाया था। अमेरिकी विदेश मंत्री ने ग्रीस को पश्चिम की ऐतिहासिक विरासत और समकालीन रणनीतिक सहयोग के केंद्र में रखा।
रूबियो ने ट्रंप प्रशासन की राष्ट्रीय शक्ति, संप्रभुता और पश्चिमी पुनर्जागरण की परिकल्पना को आधार देने के लिए प्राचीन ग्रीस का सहारा लिया। उन्होंने ग्रीक परंपरा को कर्तव्य, उत्कृष्टता और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए तत्परता से जोड़ा। उन्होंने ग्रीस को एक आदर्श सहयोगी के रूप में पेश किया और यूरोप से उसका अनुसरण करने का आह्वान किया। सीधे शब्दों में कहें, तो रूबियो ने एथेंस को ऐसे साझेदार के रूप में चित्रित किया, जो रक्षा, ऊर्जा और सीमा प्रबंधन में समाधान देता है।
इससे तुर्की को एक अप्रत्यक्ष संदेश गया: अमेरिका ग्रीस के महत्व को अपने आप में स्वीकार करता है, न कि केवल अंकारा के संतुलन के रूप में। यह भी संकेत देता है कि भूगोल और सैन्य आकार अपने आप में विशिष्ट रूप से विशेषाधिकार-प्राप्त व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। ग्रीस ने अपनी विश्वसनीयता स्थापित कर ली है, और ऊर्जा तथा रक्षा साझेदारियों में उसकी भागीदारी ऐसे विकल्प पैदा करती है, जो तुर्की की ख़ुद को अपरिहार्य मध्यस्थ के रूप में पेश करने की क्षमता को सीमित करते हैं।
ग्रीस और साइप्रस के बीच बिजली इंटरकनेक्शन केबल इस रिश्ते की व्यावहारिक कसौटी है। संयुक्त प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रूबियो ने ऊर्जा परियोजनाओं की सफलता के लिए समर्थन जताया, लेकिन तुर्की के साथ सार्वजनिक टकराव से बचते हुए संवेदनशील मुद्दों को निजी राजनयिक बातचीत के लिए छोड़ दिया।
काथीमेरिनी (Kathimerini) के लिए एलेक्सिस पापाहेलास (Alexis Papachelas) को दिए गए साक्षात्कार में रूबियो ज़्यादा स्पष्ट थे। उन्होंने ग्रीक-तुर्की संघर्ष को अकल्पनीय बताया और केबल के संबंध में राजनयिक पहल की योजनाओं का ख़ाका खींचा। वॉशिंगटन मानता है कि यह परियोजना उसके अपने हितों की भी पूर्ति करती है। हालांकि संघर्ष रोकने का अर्थ उस दबाव को रोकना होना चाहिए, जो उसे जन्म देता है। अन्यथा, शांति बनाए रखना अंततः उसी पक्ष—तुर्की—को पुरस्कृत कर सकता है, जो उसे भंग करने की धमकी देता है।
तुर्की के मीडिया ने इस यात्रा को जिस तरह कवर किया, उससे पता चलता है कि अंकारा तक संदेश पहुंच गया।
ह्यूरियत (Hürriyet) ने रूबियो को अंकारा के ख़िलाफ़ एथेंस की आख़िरी उम्मीद के रूप में पेश किया। मिल्लियत (Milliyet) ने अमेरिकी विदेश मंत्री द्वारा ग्रीस की प्रशंसा पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि सरकार-समर्थक टर्कीए (Türkiye) ने 5 अक्टूबर को ही ग्रीक रणनीति को विफलता के रूप में दिखाने की कोशिश की थी, और इसमें तुर्की के रक्षा उद्योग तथा अंकारा की यूरोपीय साझेदारियों को उभारा गया। हबेर (Haber) और जुम्हूरियत (Cumhuriyet) ने ध्यान प्रदर्शनों की ओर मोड़ दिया और रूबियो को मिले स्वागत को एक बड़े झटके के रूप में चित्रित किया। राष्ट्रवादी आयदिनलिक (Aydınlık) ने अमेरिका-ग्रीस धुरी के मज़बूत होने को तुर्की के ख़िलाफ़ एक क़दम बताया और वर्टिकल कॉरिडोर को तुर्की के ऊर्जा प्रभाव में कमी से जोड़ा।
इससे भी अधिक ख़ुलासा करने वाला है तुर्की वायुसेना के ख़ुफ़िया विभाग के पूर्व प्रमुख गुरसेल तोकमाकोग्लू (Gürsel Tokmakoğlu) का विश्लेषण, जो The Independent के तुर्की संस्करण में छपा। उन्होंने इस भाषण को तुर्की-विरोधी सिद्धांत से अलग बताया, लेकिन आकलन किया कि व्यापक साझेदारी तुर्की के मोलभाव के लाभों को सीमित करती है। तुर्की प्रेस की प्रतिक्रियाएँ साफ़ दिखाती हैं कि इस यात्रा और भाषण ने अंकारा को कितना विचलित किया, ख़ासकर इसलिए कि रूबियो के दौरे में तुर्की का कोई पड़ाव शामिल नहीं था।
फिर भी तस्वीर का एक और पहलू है। जिस दिन रूबियो ने निक्स में भाषण दिया, उसी दिन दो हथियारबंद F-16, एक CN-235 और तीन निहत्थे तुर्की ड्रोन ने ग्रीस के राष्ट्रीय हवाई क्षेत्र का चार बार उल्लंघन किया और एथेंस फ़्लाइट इन्फ़र्मेशन रीजन में हवाई यातायात नियमों का तीन बार उल्लंघन किया—इससे एक दिन पहले हवाई क्षेत्र के 15 उल्लंघन हो चुके थे। अमेरिका को इस व्यवहार को गंभीरता से लेना चाहिए। जब अमेरिकी विदेश मंत्री एथेंस में हों और तुर्की के विमान ग्रीक हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करें, तो वॉशिंगटन इस प्रतिक्रिया के प्रति उदासीन नहीं रह सकता।
रूबियो ने संप्रभुता और भरोसेमंद गठबंधनों की बात की। शीर्ष अमेरिकी राजनयिक की यात्रा के दिन ग्रीस के विरुद्ध तुर्की के उकसाऊ हवाई क्षेत्र उल्लंघन उसकी विश्वसनीयता पर भरोसा जगाने वाले क़तई नहीं हैं। वे इस तर्क को साफ़ तौर पर पुष्ट करते हैं कि अंकारा का इरादा ईजियन और पूर्वी भूमध्यसागर में अपनी संशोधनवादी नीति तथा अवैध दावों को छोड़ने का नहीं है, जो उसके “ब्लू होमलैंड” सिद्धांत और तुर्की-लीबिया समझौता ज्ञापन में मूर्त रूप लेते हैं।
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