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रूस और ईरान पर विमानन प्रतिबंधों की ख़ामियाँ बंद करें अमेरिका और इसराइल

प्रतिबंधों की ख़ामियाँ और असंगतियाँ कई संकटों में अमेरिकी नीति को कमज़ोर कर रही हैं।

लियोनिड बरात्स एक खोजी पत्रकार और विदेशी संवाददाता हैं, जिन्हें मध्य पूर्व और मध्य यूरोप में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यूक्रेन के राष्ट्रीय टेलीविज़न और रेडियो के लिए मध्य पूर्व संवाददाता और इसराइल के BeSheva मीडिया समूह के लिए पूर्वी यूरोपीय मामलों पर लिखने वाले विश्लेषक के रूप में वह सैन्य मामलों, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और अंतर-धार्मिक संबंधों पर रिपोर्टिंग करते हैं।

A Mahan Air airbus begins its takeoff in Istanbul.
इस्तांबुल में उड़ान भरती महान एयर की एक एयरबस, तुर्की ने सितंबर 2026 के मध्य में इस एयरलाइन पर रोक लगा दी थी। · Shutterstock

29 सितंबर, 2026 को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने रूसी विमान निर्माता याकोवलेव (Yakovlev) पर ईरान को Yak-130 प्रशिक्षण विमान सप्लाई करने के लिए प्रतिबंध लगाए, क्योंकि रूस ने इन हल्के हमलावर और टोही विमानों को “अमेरिकी प्रतिबंधों की ज़द में आए एक रूसी विमान” में लादकर पहुँचाया था। ऐसे नामांकन (डिज़िग्नेशन) अहम होते हैं। विमानन से जुड़े प्रतिबंध असर दिखा सकते हैं। दिक़्क़त यह है कि अमेरिका में नामांकन करने वाली एजेंसियाँ, ख़ासकर अमेरिकी वित्त मंत्रालय, अपने दायरे को लेकर असंगत रहती हैं।

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 27 ईरानी एयरलाइनों और उन्हें सेवाएँ देने वाली संबद्ध विदेशी कंपनियों को नामित किए जाने के बाद वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने चेतावनी दी कि जो कोई भी उनकी सेवा करेगा या उनकी टिकटिंग में मदद करेगा, उसे डॉलर लेनदेन तक पहुँच गंवाने का जोखिम होगा। हालांकि राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन लंबे समय से ईरान पर लगे प्रतिबंधों की धार कुंद करने और यहां तक कि उनसे बचने की राह निकालकर मुनाफ़ा कमाने की कोशिश करते रहे हैं, फिर भी वित्त मंत्रालय द्वारा रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ी इस एयरलाइन को सेवाएँ देने वाली 3 तुर्क कंपनियों को सूचीबद्ध करने के कुछ ही समय बाद तुर्की ने माहान एयर (Mahan Air) पर रोक लगा दी। यही तुर्क सतर्कता रूसी विमानों पर भी लागू होती है। मार्च 2023 में यूक्रेन युद्ध से जुड़े प्रतिबंधों की पृष्ठभूमि में तुर्की के 2 सबसे बड़े ग्राउंड हैंडलरों ने रूस द्वारा संचालित बोइंग और एयरबस विमानों को सेवाएँ देना बंद कर दिया था।

लेकिन 2 ख़ामियाँ ऐसी हैं जो बार-बार अमेरिकी विमानन प्रतिबंधों की धार कुंद करती हैं। पहली, जब वॉशिंगटन नामांकनों के साथ कदम नहीं मिलाता, तो देश उनसे बचने के लिए प्रतिबंध-विरोधी ठगी का खेल (Three Card Monte) खेलते हैं। छोटी तुर्क कंपनियों ने आखिरकार रूसी जेट विमानों की सेवाएँ संभाल लीं। व्यापक पाबंदी के अभाव में तुर्क अधिकारी अन्य ईरानी एयरलाइनों को भी अब तुर्की के लिए उड़ान भरने देते हैं।

दूसरी, धीरे-धीरे बढ़ाया गया दबाव प्रभावशीलता घटाता है। माहान भले इस्तांबुल न जाए, लेकिन वह मॉस्को के शेरेमेतयेवो हवाई अड्डे के लिए उड़ानें जारी रखती है, क्योंकि अमेरिकी वित्त और वाणिज्य मंत्रालयों ने 27 ईरानी एयरलाइनों को निशाना बनाया है, लेकिन रूस में किसी सेवा प्रदाता को नहीं। मिसाल के तौर पर, 11 सितंबर, 2026 को वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका में बने बोइंग विमानों के पुनर्निर्यात को रोकने के लिए एयरोफ़्लोत (Aeroflot) के ख़िलाफ़ अपना आदेश नवीनीकृत किया, लेकिन आदेश में किसी हवाई अड्डे, ईंधन आपूर्तिकर्ता या हैंडलर का नाम नहीं है, जबकि वाणिज्य मंत्रालय ने 2022 में कहा था कि “कहीं भी कोई भी व्यक्ति” जो ऐसे जेट को ईंधन देगा या उसकी मरम्मत करेगा, उस पर कार्रवाई का जोखिम होगा। फिलहाल यह एक खोखली धमकी ही है। पिछले महीने, रूस द्वारा संचालित बोइंग विमानों ने तुर्की, थाईलैंड और मिस्र के लिए उड़ानें भरीं। ये तीनों देश अमेरिका के सहयोगी हैं, फिर भी ट्रंप प्रशासन उन्हें रूस को अमेरिकी नियंत्रणों से बचने में मदद करने देता है।

इसी तरह इसराइल भी करता है। रूसी एयरलाइन रेड विंग्स (Red Wings), मिनरलनिए वोदी (Mineralnye Vody) से तेल अवीव के लिए उड़ान भरती है, और यही वह हवाई अड्डा है जो तेहरान को सप्लाई पहुँचाने का दोषी है। रेड विंग्स, रोस्तेक (Rostec) के स्वामित्व में है, जो याकोवलेव को भी नियंत्रित करता है। अमेरिकी ब्यूरो ऑफ़ इंडस्ट्री एंड सिक्योरिटी (U.S. Bureau of Industry and Security) ने रेड विंग्स के 3 बोइंग 777 विमानों को सूचीबद्ध किया है। क़ानूनी रूप से इसराइल रूस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं करता, लेकिन रेड विंग्स के प्रति उसकी सहनशीलता ईरान के ख़िलाफ़ व्यापक लड़ाई को कमज़ोर करती है।

आज अमेरिकी दिखावे के बावजूद तेहरान तक जाने वाला हवाई पुल बिना किसी रोक-टोक के चल रहा है। Il-76 मालवाहक विमान, जिनमें अमेरिकी प्रतिबंधों की ज़द में आए एविएकॉन ज़िटोट्रांस (Aviacon Zitotrans) के विमान भी शामिल हैं, पिछली सर्दियों में बार-बार मिनरलनिए वोदी से तेहरान के लिए उड़ान भरते रहे। वॉशिंगटन ने एयरलाइन को तो सूचीबद्ध किया, लेकिन मिनरलनिए वोदी के ऑपरेटर को नहीं, जिसकी मूल कंपनी नोवापोर्ट (Novaport) को यूरोपीय संघ प्रतिबंधित कर चुका है।

प्रतिबंधों की ऐसी खामियाँ और असंगतियाँ कई संकटों में अमेरिकी नीति को कमज़ोर करती हैं। एक तरफ़ अमेरिका इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के एयरोस्पेस से जुड़े लोगों पर जानकारी के लिए 15 मिलियन डॉलर की पेशकश करता है, दूसरी तरफ़ यही हवाई पुल ईरान को रूस को ड्रोन इंजन भेजने में सक्षम बनाता है।

अमेरिकी विमानन से जुड़ी दूसरी खामियाँ भी मौजूद हैं। हनीवेल (Honeywell) वे रडार और टक्कर-रोधी प्रणालियाँ बनाता है, जिन पर रूसी तुपोलेव विमान निर्भर हैं। याकोवलेव अमेरिकी पुर्ज़ों का इस्तेमाल कर सुपरजेट (Superjet) बनाता है। 2018 के आख़िर में सुपरजेट के लगभग 22 प्रतिशत पुर्ज़े अमेरिका से आते थे।

लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान ऐक्ट ऑफ़ 2026 (The Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act of 2026) के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 18 अक्टूबर, 2026 तक ऐसी किसी भी इकाई की समीक्षा करनी है जिसमें रूसी सरकार का “नियंत्रणकारी या बहुसंख्यक-स्वामित्व हित” हो या जो उससे “अन्यथा संबद्ध” हो, और जिनके बारे में वह ऐसा निष्कर्ष निकाले उन्हें ब्लॉक करना है।

अब इस ख़ामी को बंद करने का वक्त है। रूसी राज्य के पास एयरोफ़्लोत की 73.8 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वित्त मंत्रालय को एयरोफ़्लोत, उसकी सहायक कंपनी रोसिया (Rossiya), और रेड विंग्स को नामित करना चाहिए। दूसरी खामियाँ बंद करने के लिए अन्य क़ानूनी ढांचे भी मौजूद हैं। मई 2023 का कार्यकारी आदेश 14024 (Executive Order 14024) अमेरिकी वित्त मंत्रालय को रूस के परिवहन क्षेत्र में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति को नामित करने की अनुमति देता है। ट्रंप की टीम को नोवापोर्ट और मिनरलनिए वोदी हवाई अड्डे को निशाना बनाना चाहिए। यह क़ानून पहले से ही उन विदेशी बंदरगाहों के ऑपरेटरों को निशाना बनाता है जो प्रतिबंधित जहाज़ों को प्रवेश देते हैं; वित्त मंत्रालय को बस वही मानक उन हवाई अड्डों पर भी लागू करना चाहिए जो ब्लैकलिस्टेड रूसी या ईरानी विमानों को सेवाएँ देते हैं। वित्त मंत्रालय उन बैंकों को भी निशाना बना सकता है जो एयरोफ़्लोत, रेड विंग्स, या उनके सप्लायरों के भुगतान का निपटान करते हैं। इसराइल को बेन गुरियन हवाई अड्डे को रेड विंग्स के लिए बंद करना होगा, क्योंकि यह ऐसी एयरलाइन है जिसका मालिक उस देश को हथियार देता है जो इसराइल के समूल विनाश की कोशिश करता है।

वॉशिंगटन ने सितंबर में साबित कर दिया कि वह किसी एयरलाइन के सप्लायरों के मन में डॉलर को लेकर डर पैदा कर सकता है। जब तक वह इस नियम को एक समान तरीके से लागू नहीं करता और प्रतिबंधों की रूपरेखा खामियाँ बंद करने के लिए नहीं बनाता, बल्कि उन्हें चलने देने वाली बनाता रहेगा, तब तक रूसी और ईरानी व्यवहार में कोई ठोस बदलाव नहीं आएगा।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: The U.S. and Israel Should Close Aviation Sanctions Loopholes on Russia and Iran

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