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हैती में वैध हथियार आयात, गिरोहों तक पहुँच रहे इसराइली और तुर्की हथियार

हैती के गिरोह सरकार से ज़्यादा हथियारबंद हो चुके हैं और अमेरिका, इसराइल तथा तुर्की को उनकी हथियार आपूर्ति रोकने के लिए तीन क़दम उठाने होंगे।

Jose Lev Alvarez एक अमेरिकी-इसराइली विद्वान हैं, जो मध्य-पूर्व की सुरक्षा नीति में विशेषज्ञता रखते हैं। वे बहुभाषी हैं और इसराइली सेना (IDF) की स्पेशल फ़ोर्सेज़ तथा अमेरिकी थलसेना के अनुभवी पूर्व सैनिक रह चुके हैं। उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी से न्यूरोसाइंस में बी.एस. (इसराइल अध्ययन में माइनर के साथ), तीन मास्टर डिग्रियां (अंतरराष्ट्रीय भू-रणनीति, व्यावहारिक अर्थशास्त्र और ख़ुफ़िया अध्ययन) और एक मेडिकल डिग्री हासिल की है। वे वॉशिंगटन, डी.सी. क्षेत्र में ख़ुफ़िया एवं वैश्विक सुरक्षा में पीएच.डी. पूरी कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट फ़ोरम (Middle East Forum) में राइटिंग फ़ेलो के तौर पर काम करने के अलावा, वे The Times of Israel के लिए ब्लॉग लिखते हैं, Washington Examiner में योगदान देते हैं और लातिन अमेरिकी टेलीविज़न नेटवर्क पर नियमित रूप से भू-राजनीतिक विश्लेषण पेश करते हैं।

Fully armed Haitian soldiers in Milot, the site of Sans-Souci Palace.
सां-सूसी महल वाले शहर मिलो में पूरी तरह हथियारबंद हैतियाई सैनिक। · Shutterstock

नवंबर 1947 में लेक सक्सेस में हैती के आख़िरी वक़्त में बदले रुख़ ने संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 181 और इसराइल के गठन के लिए ज़रूरी वोट पक्के किए थे। मार्च 1949 में पोर्ट-ओ-प्रिंस ने यहूदी राष्ट्र को मान्यता दी और ऐसा करने वाला 48वाँ देश बना। लेकिन दशकों बाद इस रिश्ते ने नया मोड़ ले लिया है। राजधानी के ज़्यादातर हिस्से पर क़ब्ज़ा जमाए हैतियाई गिरोह अब इसराइली गैलिल ACE (Galil ACE) राइफ़लें चला रहे हैं—जो मूल रूप से एक अनुबंध के तहत हैतियाई राष्ट्रीय पुलिस (Haitian National Police) को दी गई थीं—और इनके साथ तुर्की की टैक्टिकल शॉटगनों तथा सैन्य स्तर के गोला-बारूद की भी बड़ी आमद हुई है।

सुरक्षा का यह रिसाव वैध कारोबारी चैनलों के ज़रिए शुरू हुआ। हैती सरकार ने इसराइली कंपनी गार्डियन लिमिटेड इसराइल (Guardian Limited Israel) को हैतियाई बलों के लिए इसराइल वेपन इंडस्ट्रीज़ (Israel Weapon Industries) की 1,000 गैलिल ACE राइफ़लें और टैक्टिकल प्रशिक्षण मुहैया कराने का ठेका दिया था। 2021 से ये असॉल्ट राइफ़लें देश में फैल चुके काले बाज़ार की रीढ़ बनी हुई हैं। मसलन, तस्वीरों में ग्रान ग्रिफ़ (Gran Grif) गिरोह के हाथों में गैलिल ACE 21, 22, और 31 मॉडल दिखे हैं, जिनमें ACE 31 का वह संस्करण भी शामिल है जो हैतियाई राष्ट्रीय पुलिस के कई अधिकारियों की हत्या के बाद बरामद हुआ। इसी तरह, तस्वीरों में गिरोह सरगना जिमी “बारबेक्यू” शेरिज़िए (Jimmy “Barbecue” Chérizier) अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंसों में इसराइल मिलिट्री इंडस्ट्रीज़ (Israel Military Industries) की गैलिल शॉर्ट असॉल्ट राइफ़ल लिए दिखाई देते हैं।

हैती के क़ानून प्रवर्तन अधिकारी कभी-कभी ग्रान रैविन (Gran Ravin) जैसे प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के साथ मुठभेड़ के दौरान इनमें से कुछ क्रमांकित हथियार बरामद कर लेते हैं। लेकिन तस्कर अब भी कुछ हथियार देश से बाहर पहुँचा देते हैं। 2017 में जमैका के अधिकारियों को रॉकफ़ोर्ट (Rockfort) में एक मुठभेड़ के बाद हैतियाई राष्ट्रीय पुलिस के नाम पर पंजीकृत एक गैलिल राइफ़ल मिली थी। जाँचकर्ताओं को उस शस्त्रागार में भी एक गैलिल ACE मिली, जिसका इस्तेमाल भाड़े के सैनिकों ने 2021 में राष्ट्रपति जोवेनेल मोइज़ (Jovenel Moïse) की हत्या में किया था। साथ ही, इन गिरोहों के हमलों के फ़ुटेज से पता चलता है कि वे तुर्की की टैक्टिकल शॉटगनों और सैन्य स्तर के गोला-बारूद का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

अमेरिका से आने वाले हथियार अब भी हैती के आपराधिक शस्त्रागार की रीढ़ बने हुए हैं, जिनसे देश में क़रीब 270,000 से 500,000 अवैध हथियारों की आमद होती है। 2020 और 2022 के बीच हैतियाई बलों ने जो हथियार ज़ब्त किए, उनमें 80 प्रतिशत से अधिक अमेरिका से आए थे—मुख्यतः फ़्लोरिडा के समुद्री कंटेनर माल-ढुलाई मार्ग या डोमिनिकन गणराज्य की सीमा के रास्ते।

हैती सरकार को वैध रूप से बेचे गए इसराइली और तुर्की प्लेटफ़ॉर्म हासिल करके हैतियाई गिरोह राज्य से ज़्यादा हथियारबंद हो गए हैं। ये हथियार इलाक़े पर क़ब्ज़ा बनाए रखने, समुद्री बंदरगाहों की नाकेबंदी करने और संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित गिरोह-दमन बल (Gang Suppression Force) को चुनौती देने की उनकी क्षमता बढ़ाते हैं, जबकि अमेरिकी व्यावसायिक खेप संयुक्त राष्ट्र के हथियार प्रतिबंध को दरकिनार कर रही है। विफल राज्यों में आपराधिक नेटवर्क अमेरिकी नागरिक हार्डवेयर और मध्य-पूर्वी सैन्य प्रणालियों के बीच फ़र्क़ नहीं करते। दोनों ही पाइपलाइनें उस गिरोह हिंसा में योगदान देती हैं, जिसने 1.4 मिलियन से अधिक नागरिकों को विस्थापित किया और हज़ारों जानें लीं।

इन आपूर्ति शृंखलाओं को काटने के लिए तीन क़दम ज़रूरी हैं। पहला, अगर स्थानीय अधिकारी हैतियाई गिरोहों से हैतियाई राष्ट्रीय पुलिस के तहत पंजीकृत क्रमांक वाली कोई भी गैलिल राइफ़लें बरामद करते हैं, तो इसराइल को सभी हथियार निर्यात निलंबित कर देने चाहिए। यह क़दम तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक हैतियाई अधिकारी सभी हथियारों का हिसाब न दे दें और समझौताग्रस्त इकाई को भंग न कर दें। दूसरा, तुर्की को यह अनिवार्य करना होगा कि कैरिबियाई देशों को भविष्य में बेचे जाने वाले सैन्य घटकों में डिजिटल अंतिम-उपयोग निगरानी शामिल हो।

इसका मतलब होगा कि सभी हथियारों में निर्माता द्वारा लगाए गए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम हों, जो किसी वस्तु को सिस्टम से हटाए जाने पर चेतावनी भेजें। और तीसरा, अमेरिका को मध्य-पूर्वी सैन्य घटकों को प्राथमिकता वाले अवरोधन लक्ष्य के तौर पर पुनर्वर्गीकृत करना होगा, यानी अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसियों और सीमा शुल्क कार्यबलों को कंटेनर जाँच के मामले में इन घटकों को अधिकांश अमेरिकी नागरिक हथियारों से ऊपर रखना होगा—युद्धक्षेत्र में उनकी बेहतर विश्वसनीयता और गिरोहों की बढ़ती घातकता को देखते हुए।

अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव पारित करने से कैरिबियाई क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की कोशिशों पर बहुत कम असर पड़ता है। कहीं ज़्यादा अहम यह स्वीकार करना होगा कि किसी कमज़ोर राज्य से संपत्तियों का डायवर्जन, तस्करी जितना ही घातक है। जब तक येरुशलम, अंकारा और वॉशिंगटन यह नहीं समझेंगे कि गिरोह पोर्ट-ओ-प्रिंस की सड़कों पर उनके सैन्य उपकरणों का सौदा कर रहे हैं, तब तक पश्चिमी नीति उस युद्ध के दोनों पक्षों को पैसा देती रहेगी, जिसका वह विरोध करने का दावा करती है।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: Haiti Imports Israeli and Turkish Weapons Legally, But Gangs then Divert Them

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