MEF Menu
Middle East ForumSupport MEF
मिडिल ईस्ट फ़ोरम · Middle East Forum
Observer

ईरान के 6 अरब डॉलर क़तर में, ये अमेरिकी पीड़ितों को मिलें

सबसे पहले अमेरिकी कांग्रेस को पूर्व बंधक रॉबर्ट लेविंसन (Robert Levinson) के परिवार के पक्ष में सुनाए गए 1.45 अरब डॉलर के फ़ैसले की भरपाई करनी चाहिए।

ग्रेग रोमन (Gregg Roman) मिडिल ईस्ट फ़ोरम (Middle East Forum) के कार्यकारी निदेशक हैं। 2014 में ज्यूइश टेलीग्राफ़िक एजेंसी (Jewish Telegraphic Agency) ने उन्हें “दुनिया के दस सबसे प्रेरणादायी यहूदी नेताओं” में शामिल किया था और इससे पहले वह इसराइल के उप विदेश मंत्री के राजनीतिक सलाहकार रह चुके हैं तथा इसराइली रक्षा मंत्रालय के लिए काम कर चुके हैं। मध्य पूर्व के मामलों पर अक्सर बोलने वाले रोमन ने अमेरिकी कांग्रेस और क्नेसेट के सामने गवाही दी है और फ़ॉक्स न्यूज़, i24NEWS, अल जज़ीरा, BBC World News और इसराइल के चैनल 12 और 13 जैसे अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनलों पर नज़र आते हैं। उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी और हर्ज़लिया स्थित इंटरडिसिप्लिनरी सेंटर में राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक संचार का अध्ययन किया है और The Hill, Newsweek, the Los Angeles Times, the Miami Herald और the Jerusalem Post में लिखते रहे हैं।

Stacks of Iranian rail banknotes.
ईरानी रियाल के नोटों की गड्डियाँ। · Shutterstock

ईरान के 6 अरब डॉलर क़तर के दो बैंकों में जमे हुए हैं। सितंबर 2023 से यह रक़म वहीं पड़ी है। न ईरान इसे छू सकता है, न कोई और। यह पैसा कुछ नहीं कर रहा।

इसी दौरान, ईरानी मिसाइलें दुबई की गगनचुंबी इमारतों में छेद कर रही हैं। ईरानी ड्रोन सऊदी अरब की एक रिफ़ाइनरी में आग लगा रहे हैं। कुवैत में 11 साल की एक बच्ची छर्रे लगने से मर जाती है। क़तर की अपनी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) सुविधाएं भी उसी शासन के हमले झेल रही हैं, जिसका पैसा क़तर के पास रखा है।

अमेरिका को ये 6 अरब डॉलर ज़ब्त कर लेने चाहिए और ईरानी आतंकवाद के अमेरिकी पीड़ितों को यह रक़म दे देनी चाहिए। शुरुआत रॉबर्ट लेविंसन के परिवार से हो।

2023 में बाइडन प्रशासन ने तेहरान के साथ बंधकों की अदला-बदली कराई। पाँच अमेरिकी घर लौटे। बदले में वॉशिंगटन ने दक्षिण कोरियाई बैंकों में जमी ईरानी तेल आय को क़तर के अल-अहली और दुखान बैंकों के प्रतिबंधित खातों में ट्रांसफ़र करने की मंज़ूरी दी। शर्तें सख़्त थीं: ईरान इस धन तक सीधे नहीं पहुंच सकता था; हर लेन-देन के लिए अमेरिकी मंज़ूरी ज़रूरी थी, और इस पैसे से केवल मानवीय सामान ख़रीदा जा सकता था।

फिर 7 अक्तूबर 2023 आया। ईरान के प्रॉक्सी हमास ने दक्षिणी इसराइल में 1,200 लोगों का क़त्लेआम किया। अमेरिका और क़तर ने खातों को पूरी तरह फ़्रीज़ कर दिया। तब से यह पैसा हिला तक नहीं है।

फ़्रीज़ करना ज़ब्त करना नहीं है, और इसे ज़ब्त किया जाना चाहिए।

अमेरिकी अदालतें 90 से ज़्यादा फ़ैसले सुना चुकी हैं, जिनमें ईरान को अमेरिकी नागरिकों के ख़िलाफ़ आतंकवाद के लिए ज़िम्मेदार ठहराया गया है। बक़ाया मुआवज़े की रक़म 53 अरब डॉलर से ज़्यादा है। ईरान ने एक सेंट तक नहीं चुकाया। U.S. Victims of State Sponsored Terrorism (USVSST) Fund ने पाँच भुगतान चरणों में 7 अरब डॉलर से अधिक बांटे हैं। 102 अरब डॉलर से ज़्यादा अब भी बक़ाया है।

रॉबर्ट लेविंसन का मामला सबसे साफ़ है। ईरानी अधिकारियों ने 2007 में किश द्वीप पर इस सेवानिवृत्त FBI एजेंट का अपहरण किया। ईरान ने उन्हें अपने क़ब्ज़े में रखने से इनकार किया। अमेरिकी सरकार ने 2020 में निष्कर्ष निकाला कि ईरानी हिरासत में उनकी मौत हो गई। परिवार को शव कभी नहीं मिला। अक्तूबर 2020 में एक संघीय जज ने ईरान को लेविंसन परिवार को 1.45 अरब डॉलर चुकाने का आदेश दिया। जज ने ईरान के आचरण को “बर्बर” कहा। परिवार को USVSST Fund के ज़रिए इसका एक छोटा-सा हिस्सा ही मिला है।

2 मार्च 2026 को, अमेरिकी-इसराइली हमलों में सर्वोच्च नेता ख़ामेनेई के मारे जाने के कुछ दिन बाद, लेविंसन परिवार ने पूरी जवाबदेही और अपने पिता के अवशेष लौटाने की मांग की। वे दोनों के हक़दार हैं। वे भुगतान पाने के भी हक़दार हैं।

28 फ़रवरी के बाद से ईरान की जवाबी कार्रवाई ने इन धनराशियों को रिज़र्व में रखने के हर तर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बहरीन, कुवैत, क़तर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन और इराक़ की ओर सैकड़ों मिसाइलें और हमलावर ड्रोन दागे। उसने क़तर के अल उदीद एयर बेस, कुवैत के अली अल सलेम, अमीरात के अल धफ़रा और बहरीन में पाँचवें बेड़े के मुख्यालय को निशाना बनाया। उसने कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रहार किया। उसने बुर्ज अल अरब को नुकसान पहुंचाया। उसने क़तर की मेसाइद और रास लफ़्फ़ान सुविधाओं पर प्रहार किया।

खाड़ी देशों ने वॉशिंगटन के साथ एक संयुक्त बयान जारी कर इन हमलों को संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए उनकी निंदा की। क़तर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों को “किसी भी औचित्य के तहत स्वीकार नहीं किया जा सकता।” ये वही देश हैं जिन्हें ईरान के मानवीय कोष की सुरक्षा करनी थी। ईरान ने बदले में उन पर मिसाइलें दागीं।

अमेरिका को तीन क़दम उठाने चाहिए:

पहला, लेविंसन फ़ैसले के मुताबिक़ भुगतान कराया जाए। कांग्रेस को ऐसा क़ानून पारित करना चाहिए, जो 1.45 अरब डॉलर के अवॉर्ड को कवर करने के लिए क़तर में रखे ईरानी धन के ट्रांसफ़र को अधिकृत करे। मिसाल मौजूद है। Bank Markazi v. Peterson (2016) में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी आतंकवाद पीड़ितों के लिए ईरानी केंद्रीय बैंक की संपत्तियों की ज़ब्ती को बरक़रार रखा था।

दूसरा, शेष रक़म को अमेरिका-खाड़ी के संयुक्त तंत्र के जरिए आवंटित किया जाए। एक हिस्सा खाड़ी देशों को हमलों से हुए नुकसान की भरपाई दे। दूसरा हिस्सा USVSST Fund में जाए, ताकि अमेरिकी परिवारों के 102 अरब डॉलर के बक़ाये का बोझ घटे।

तीसरा, वैश्विक मिसाल क़ायम की जाए। अनुमान है कि दुनिया भर में ईरान की 100 अरब डॉलर से 120 अरब डॉलर की संपत्तियां फ़्रीज़ हैं। क़तर में ज़ब्ती से रास्ता खुलेगा। Pan Am 103 के बाद लीबिया ने अमेरिकी आतंकवाद दावों के निपटारे के लिए 2.7 अरब डॉलर चुकाए थे। तेहरान स्वेच्छा से नहीं चुकाएगा। ये संपत्तियां लेनी होंगी।

समय अनुकूल है। ईरान ने इस रक़म को लौटाने के लिए हर राजनीतिक ढाल खुद ही खत्म कर दी है। खाड़ी देश चाहते हैं कि ईरान नुकसान की क़ीमत चुकाए, न कि उसे उसका पैसा वापस मिले। क़ानूनी औज़ार मौजूद हैं। Foreign Sovereign Immunities Act (FSIA) का आतंकवाद अपवाद, USVSST Fund और Bank Markazi की मिसाल इसका ढांचा पेश करते हैं। कांग्रेस के पास अधिकार है। कमी सिर्फ़ इच्छाशक्ति की रही है।

19 साल से लेविंसन परिवार जवाबदेही के लिए लड़ रहा है। दशकों से बेरूत से लेकर Khobar Towers से लेकर 7 अक्तूबर तक, अमेरिकी परिवारों के पास ऐसे अदालती फ़ैसले हैं जिन्हें मानने से ईरान इनकार करता है। 6 अरब डॉलर क़तर के एक बैंक में पड़े हैं। ईरान ने क़तर पर हमला किया। कांग्रेस को ज़ब्ती की मंज़ूरी देनी चाहिए। व्हाइट हाउस को अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेज़री विभाग) को अमल का निर्देश देना चाहिए। सबसे पहले लेविंसन परिवार को भुगतान होना चाहिए।

यह कोई जटिल मामला नहीं है। बहुत देर हो चुकी है।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: Iran’s $6 Billion Sits in Qatar. Give It to the Americans Tehran Killed

मिडिल ईस्ट फ़ोरम के विश्लेषण ईमेल पर पाएँ: न्यूज़लेटर की सदस्यता लें (अंग्रेज़ी में)