मोसाद यूरोप के दक्षिणपंथी अलगाववादी आंदोलनों से रणनीतिक साझेदारी बनाए
वामपंथी लहर का मुक़ाबला करने के लिए इसराइल को क्षेत्रीय स्वतंत्रता समर्थक गुटों के रूढ़िवादी धड़ों से संपर्क साधना शुरू करना चाहिए।
Jose Lev Alvarez एक अमेरिकी-इसराइली विद्वान हैं, जो मध्य-पूर्व की सुरक्षा नीति में विशेषज्ञता रखते हैं। वे बहुभाषी हैं और इसराइली सेना (IDF) की स्पेशल फ़ोर्सेज़ तथा अमेरिकी थलसेना के अनुभवी पूर्व सैनिक रह चुके हैं। उन्होंने अमेरिकन यूनिवर्सिटी से न्यूरोसाइंस में बी.एस. (इसराइल अध्ययन में माइनर के साथ), तीन मास्टर डिग्रियां (अंतरराष्ट्रीय भू-रणनीति, व्यावहारिक अर्थशास्त्र और ख़ुफ़िया अध्ययन) और एक मेडिकल डिग्री हासिल की है। वे वॉशिंगटन, डी.सी. क्षेत्र में ख़ुफ़िया एवं वैश्विक सुरक्षा में पीएच.डी. पूरी कर रहे हैं। मिडिल ईस्ट फ़ोरम (Middle East Forum) में राइटिंग फ़ेलो के तौर पर काम करने के अलावा, वे The Times of Israel के लिए ब्लॉग लिखते हैं, Washington Examiner में योगदान देते हैं और लातिन अमेरिकी टेलीविज़न नेटवर्क पर नियमित रूप से भू-राजनीतिक विश्लेषण पेश करते हैं।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ (Pedro Sánchez) के फ़ैसले—फ़लस्तीनी राज्य को मान्यता देना, ग़ज़ा में इसराइल के अभियान को “इस सदी का सबसे बड़ा नरसंहार” कहना और येरूशलम के हथियार आयात पर पाबंदी लगाना—यूरोप के वामपंथियों की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा हैं, जिसके तहत वे यहूदी राष्ट्र को जकड़ना चाहते हैं। अब मैनचेस्टर के मेयर और भावी ब्रिटिश प्रधानमंत्री माने जा रहे एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) इसराइल को ब्रिटिश हथियारों की बिक्री पर पाबंदियों की मांग कर रहे हैं।
82 प्रतिशत स्पेनवासी मानते हैं कि इसराइल ने ग़ज़ा में नरसंहार किया, 58 प्रतिशत मांग करते हैं कि इसराइल को हथियारों की बिक्री रोकी जाए और 60 प्रतिशत इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों का विरोध करते हैं। ब्रिटेन में हुए हालिया सर्वेक्षण भी दिखाते हैं कि आधी आबादी मानती है कि इसराइल ने ग़ज़ा में नरसंहार किया और सरकार को येरूशलम को हथियारों की बिक्री या तो खत्म कर देनी चाहिए या यहूदी राष्ट्र पर प्रतिबंध लगाने चाहिए। स्पेन और ब्रिटेन में वामपंथी प्रदर्शनों और सांस्कृतिक आयोजनों में यहूदी राष्ट्र के विनाश का आह्वान करने वाले इसराइल-विरोधी पोस्टर जगह-जगह दिखते हैं।
इस वामपंथी उभार का मुक़ाबला करने के लिए इसराइल को यूरोप में क्षेत्रीय स्वतंत्रता समर्थक समूहों के रूढ़िवादी धड़ों से संपर्क साधना शुरू करना चाहिए। कातालोनिया में आलिआंसा कातालाना (Aliança Catalana) की सिल्विया ओरियोल्स (Silvia Orriols) ने क्षेत्रीय संसद में इसराइल का झंडा फहराया है और उनका तर्क है कि इसराइल की जीतें कातालोनिया के हितों को भी आगे बढ़ाती हैं। रिपोल की मेयर रहते हुए ओरियोल्स ने उन सलाफ़ी नेटवर्कों का सामना किया जो 2017 के बार्सिलोना आतंकी हमले के लिए ज़िम्मेदार थे, जिसमें 16 लोग मारे गए थे।
ओरियोल्स—जिनके बारे में ताज़ा सर्वेक्षणों का अनुमान है कि वे दूसरे स्थान पर रहेंगी, जबकि वे सबसे लोकप्रिय स्वतंत्रता समर्थक पार्टी का नेतृत्व कर रही हैं—उन इसराइल-समर्थक कातालान नेताओं की कड़ी में नवीनतम हैं, जिनमें आधुनिक कातालान राष्ट्रवाद के जनक और पूर्व क्षेत्रीय राष्ट्रपति जोर्डी पुजोल (Jordi Pujol) भी शामिल हैं, जिन्होंने यहूदी राष्ट्र के अस्तित्व की रक्षा की वकालत की। कातालोनिया के दक्षिणपंथी, ज़ायनवाद से प्रभावित आंदोलन की तरह, स्पेन के बास्क देश और गालिसिया में, साथ ही स्कॉटलैंड और वेल्स में भी अलगाववादी तत्व इसराइल के नए यूरोपीय गठजोड़ बनाने में मददगार हो सकते हैं।
यहूदी राष्ट्र की बाहरी ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद में एक विशेष प्रभाग है, तेवेल (Tevel), जो ग़ैर-राज्य इकाइयों के साथ संपर्क अभियानों को संभालता है। यह प्रभाग, जिसने इसराइल के हितों की सेवा के लिए दुनिया भर में नेटवर्क विकसित किए हैं, के पास दक्षिणपंथी, यूरोपीय, स्वतंत्रता समर्थक आंदोलनों के साथ रिश्ते बनाने और उन्हें क़ायम रखने के लिए जनशक्ति और तकनीकी संसाधन मौजूद हैं। भूमिगत ढांचे खड़े करने का इसका काम, कट्टरपंथी इस्लामवाद का मुक़ाबला करने की विशेषज्ञता और जानकारी के हस्तांतरण के साथ मिलकर, तेवेल को इसराइल की एकमात्र ऐसी इकाई बनाता है जो स्वतंत्रता समर्थक संस्थाओं के साथ रिश्ते बनाने में अगुआ की भूमिका निभा सके।
इन ताक़तों को उसी तरह की क्षमताओं की ज़रूरत है जिनकी शुरुआत इसराइल के अपने ज़ायनवादी आंदोलन और राष्ट्रीय पुनर्जागरण ने की थी, जिनकी प्रशंसा कभी पुजोल ने की थी और जिन्हें अब ओरियोल्स कातालोनिया में बढ़ावा दे रही हैं। विशेष रूप से, मोसाद के तेवेल को एक नई कार्य टीम बनानी चाहिए—इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल (Emerging Sovereign Partners Cell)—जिसका स्टाफ़ यूरोप के अलगाववादी आंदोलनों के साथ सुव्यवस्थित संपर्क अभियान चला सके।
इस टीम की पहली पहल ओरियोल्स और आलिआंसा कातालाना के साथ होनी चाहिए, इसके बाद बास्क देश, गालिसिया, स्कॉटलैंड, वेल्स और संभवतः फ़्लैंडर्स, वेनेतो-लोंबार्दी, कोर्सिका, ट्रांसनिस्ट्रिया, ग्रीनलैंड और फ़ैरो द्वीपसमूह में समान विचार वाले अन्य समूहों से। इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल इन आंदोलनों को राजकाज की बुनियादी चीज़ें खड़ी करने में मदद करेगा: शासन, रक्षा, ख़ुफ़िया तंत्र, वित्तीय प्रणालियां, आंतरिक सुरक्षा, विदेश नीति और कट्टरता-उन्मूलन या स्वतंत्रता-विरोध का मुक़ाबला करने के उपकरण, जो हर समूह की ज़रूरतों और राजनीतिक लक्ष्यों के अनुरूप हों।
यह निकाय ऐसे रचनात्मक पैकेज पेश कर सकता है, जिन्हें उभरते संप्रभु राज्य मॉडल के तौर पर अपना सकें। इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल एक सॉवरिन्टी अकादमी (Sovereignty Academy) बना सकता है, जो इन आंदोलनों के उभरते नेताओं और मध्य स्तर के प्रबंधकों के लिए फ़ेलोशिप आयोजित करे। मोसाद का तेवेल संविधान-निर्माण कार्यशालाओं को भी प्रायोजित कर सकता है, ताकि ये आंदोलन इसराइल जैसे अपने मूल क़ानून तैयार कर सकें, जिनमें उनकी संसदीय संप्रभुता और राष्ट्रीय विशिष्टता की सुरक्षा पर ज़ोर हो।
साथ ही, इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित कर सकता है, जो इन आंदोलनों के अपने सैन्य ढांचे खड़े करने में मदद करें: पेशेवर, स्वयंसेवी सेना इकाइयां, जिनके साथ उनकी युद्धक क्षमता बढ़ाने वाली तकनीक जुड़ी हो, जैसे साइबर सुरक्षा, ड्रोन आधारित टोह और हमला तथा बहुस्तरीय वायु रक्षा—शुरुआत में छोटी आबादियों के अनुरूप, येरूशलम के हाइब्रिड युद्धों के अनुभव का इस्तेमाल करते हुए।
मोसाद जासूसी के अपने कौशल का इस्तेमाल इन आंदोलनों की ख़ुफ़िया क्षमताओं को ढांचा देने और उन्हें प्रशिक्षित करने में कर सकता है, जिसमें मानवीय ख़ुफ़िया तंत्र और साइबर के साथ-साथ जिहादवाद का मुक़ाबला करने पर ज़ोर हो। मुद्रा और मौद्रिक संप्रभुता के पैकेज संप्रभु डिजिटल मुद्राओं या बिटकॉइन की रणनीतिक ख़रीद पर सलाह दे सकते हैं, जो इसराइली साइबर विशेषज्ञता से संरक्षित हों और अल सल्वाडोर के उदाहरण पर चलें, लेकिन मैड्रिड या लंदन के केंद्रीय बैंकों की जोड़-तोड़ से अछूते रहें।
दरअसल, इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल इन संप्रभुता समर्थक आंदोलनों के साथ मिलकर तकनीक-हस्तांतरण समझौते कराने में मदद कर सकता है, जो भूमध्यसागरीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत विलवणीकरण और जल-प्रबंधन प्रणालियां उपलब्ध कराएं, साथ ही इसराइल के लेवियाथन गैस क्षेत्र से अपनाई गई अपतटीय निष्कर्षण तकनीकें भी, जिससे स्कॉटलैंड का तेल और गैस उद्योग मज़बूत हो और उसकी ऊर्जा सुरक्षा बढ़े। मोसाद आंतरिक सुरक्षा और कट्टरता-उन्मूलन का अपना अनुभव इन संभावित साझेदारों के साथ साझा कर सकता है, ताकि वे अपनी ही क़तारों में मौजूद चरमपंथी तत्वों से निपट सकें, जैसे बार्सिलोना और रिपोल में बचे सलाफ़ी तत्व या कार्डिफ़ और एडिनबरा में सक्रिय माफ़िया नेटवर्क।
इमर्जिंग सॉवरिन पार्टनर्स सेल इन संप्रभुता इकाइयों की राजनयिक सेवाओं, दूतों और संयुक्त राष्ट्र मिशनों को विदेश-नीति रणनीति के प्रशिक्षण के ज़रिए तैयार करने में मदद करेगा, जिसमें क्रमिकता और बहु-दिशात्मक कूटनीति पर ज़ोर हो, जैसा इसराइल ने अपने शुरुआती वर्षों में किया और जिसे बाद में चीन जैसे देशों ने अपनाया। इन कार्यक्रमों में पाठ्यक्रम निर्माण, शिक्षण पद्धतियां और शैक्षिक सामग्री शामिल होनी चाहिए, जिनका लक्ष्य राष्ट्रीय पहचान को बचाना और मज़बूत करना हो, और जो आरंभिक ज़ायनवादी राष्ट्रीय पुनर्जागरणकर्ताओं द्वारा विकसित मॉडलों पर आधारित हों।
यूरोप के स्वतंत्रता समर्थक दक्षिणपंथ को इसराइल के मॉडल से लाभ होगा और येरूशलम को यूरोप में नए सहयोगी मिल सकते हैं, जो उसके हितों की रक्षा करें, यहूदी-विरोध से लड़ें और मैड्रिड से लंदन तक कट्टरपंथी इस्लामवाद का विरोध करें। स्पेन और ब्रिटेन जैसे पुराने राज्य इसराइल के प्रति और अधिक शत्रुतापूर्ण हो सकते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनका ज़ायनवाद-विरोधी मोड़ संभवतः अपरिवर्तनीय है और इसलिए ऐसी नीति महज़ एक नई हक़ीक़त के अनुरूप ख़ुद को ढालना होगी।
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