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ख़ार्ग द्वीप पर हमला, सद्दाम जैसी तोड़फोड़ रुकेगी

द्वीप पर गार्ड चौकियों को नष्ट करने से अमेरिकी सेना के लिए उस पर क़ब्ज़ा करने और युद्ध के बाद की अर्थव्यवस्था के लिए उसकी तेल सुविधाओं की रक्षा करने का रास्ता खुलता है।

माइकल रुबिन ईरान, तुर्की और हॉर्न ऑफ़ अफ़्रीका के विशेषज्ञ हैं। उनके करियर में पेंटागन में अधिकारी के तौर पर काम करने का अनुभव शामिल है। इसमें ईरान, यमन और इराक़ में ज़मीनी स्तर के अनुभव के साथ-साथ 9/11 से पहले तालिबान के साथ संपर्क भी रहा है। श्री रुबिन ने सैन्य शिक्षा में भी योगदान दिया है और अमेरिकी नौसेना तथा मरीन इकाइयों को क्षेत्रीय संघर्षों और आतंकवाद के बारे में पढ़ाया है। उनके विद्वतापूर्ण काम में कई अहम प्रकाशन शामिल हैं, जैसे “Dancing with the Devil” और “Eternal Iran।” रुबिन ने येल यूनिवर्सिटी से इतिहास में पीएच.डी. और एम.ए., तथा जीव विज्ञान में बी.एस. की डिग्री हासिल की।

Kharg Island, off the coast of Iran, is vital to the country's oil export business.
ईरान के तट से दूर स्थित ख़ार्ग द्वीप देश के तेल निर्यात कारोबार के लिए बेहद अहम है। · Unknown author, Public domain, via Wikimedia Commons

13 मार्च 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि अमेरिका ने ख़ार्ग द्वीप पर बमबारी कर द्वीप पर मौजूद ईरानी सैन्य और सुरक्षा परिसंपत्तियों को समाप्त कर दिया है। ट्रंप ने इसे सफलता बताया और कहा कि उन्होंने अपने लक्ष्यों को “पूरी तरह मिटा दिया” है, जबकि तेल टर्मिनल को उन्होंने सुरक्षित रखा।

अगर यह सही है, तो यह दो वजहों से अहम है।

पहली, ख़ार्ग एक सैन्यीकृत द्वीप से ज़्यादा औद्योगिक द्वीप है, फिर भी यह महत्वपूर्ण है। चूँकि फ़ारस की खाड़ी का ईरानी तट बड़े टैंकरों के लिए बहुत उथला है, इसलिए इस्लामी गणराज्य अपना ज़्यादातर तेल पाइपलाइन के ज़रिए ख़ार्ग तक भेजता है, जहाँ उसे खाड़ी में एक दर्जन मील से भी ज़्यादा दूर टैंकरों पर लादा जाता है, क्योंकि वहाँ नौवहन आसान है। आज ईरान के तेल निर्यात का 96 प्रतिशत ख़ार्ग से होकर गुज़रता है, जिससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य नहीं, बल्कि ख़ार्ग ईरान का सबसे बड़ा चोकपॉइंट बन जाता है।

द्वीप पर गार्ड चौकियों को नष्ट करना अमेरिकी बलों के लिए वहाँ क़ब्ज़ा करने की ज़मीन तैयार करता है, अगर ट्रंप पेंटागन को ऐसा करने का आदेश दें। मानवरहित द्वीप पर क़ब्ज़ा करना किसी द्वीप पर लैंडिंग ऑपरेशन चलाने के मुक़ाबले कहीं कम जोखिम भरा है, जहाँ उतरने वाले दस्ते खुले में आ जाते। वाकई, ट्रंप भले ही 2003 के अमेरिकी नेतृत्व वाले इराक़ युद्ध की आलोचना करते हों, लेकिन अब वे दिवंगत रक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड की रणनीति के एक हिस्से को दोहराते दिख रहे हैं—तेल सुविधाओं की सुरक्षा कर युद्ध के बाद की अर्थव्यवस्था के अंततः होने वाले पुनरुद्धार को तेज़ करने की रणनीति।

दूसरी, ख़ार्ग पर किसी भी क़ब्ज़े से ऊर्जा बाज़ार ख़ार्ग के विनाश वाले दुःस्वप्न परिदृश्य के असर से सुरक्षित हो जाएँगे। यहाँ ऐसा लगता है कि ट्रंप और उनके योजनाकारों ने वह सबक़ आत्मसात कर लिया है, जो राष्ट्रपति जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और 1991 में कुवैत की उनकी मुक्ति से बड़ी क़ीमत चुकाकर मिला था। उस हवाई युद्ध और ज़मीनी हमले में महज़ 100 घंटे लगे, जिसके बाद अमेरिका ने इराक़ के रिपब्लिकन गार्ड्स को कुवैती क्षेत्र से बाहर धकेलने का सीमित, लेकिन स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्य हासिल कर लिया। लेकिन पीछे हटते वक़्त इराक़ियों ने जो किया, उसने केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी (CIA) को चौंका दिया।

क़रीब 700 कुवैती तेल क्षेत्रों में आग लगाकर पराजित इराक़ी अपने कथित “उन्नीसवें प्रांत” को, और उस अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी सज़ा देना चाहते थे जो ऊर्जा स्थिरता चाहता था। आग बुझाने पर कुवैत को 1.5 अरब डॉलर, यानी 2026 के डॉलर में शायद 3.6 अरब डॉलर, ख़र्च करने पड़े। चरम पर इन आगों ने रोज़ाना 5 मिलियन बैरल तेल खपाया। जुलाई 1990 में तेल क़रीब 20 डॉलर प्रति बैरल था। 2 अगस्त 1990 को इराक़ के कुवैत पर हमले के बाद तेल बढ़कर 28 डॉलर प्रति बैरल हो गया। कुवैती क्षेत्रों में तोड़फोड़ के चलते अक्टूबर 1990 तक क़ीमत में लगभग 43 प्रतिशत की और बढ़ोतरी हुई, और यह 40 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई।

इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व हताश, कड़वा और शिया अर्थ में सहस्राब्दीवादी है। मोहम्मद-बाक़िर क़ालिबाफ़ (Mohammad-Bagher Ghalibaf), जिनके बारे में साक्ष्य बताते हैं कि वे अलग सौदा करना चाहते हैं, और संभवतः सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (Supreme National Security Council) के सचिव को छोड़ दें, तो शासन के कई तत्व इस्लामी गणराज्य के बाद की व्यवस्था में सहज संक्रमण होने देने के बजाय ईरान और वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों का विनाश देखना ज़्यादा पसंद करेंगे।

अगर ख़ार्ग द्वीप पर बमबारी से टर्मिनल बचा रहता है और इस सुविधा की सुरक्षा का रास्ता बनता है, तो ट्रंप इस्लामी गणराज्य के बाद के अधिक सहज भविष्य की ज़मीन तैयार करके एक बड़ी सफलता हासिल कर चुके होंगे।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: The Strike on Kharg Island Prevents Saddam-Like Sabotage

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