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वेनेज़ुएला की तेल बाज़ार में वापसी से इसराइल की ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत

किसी एक उत्पादक देश की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव का असर पूरे वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर पड़ सकता है।

उमुद शोकरी वॉशिंगटन, डी.सी. में स्थित ऊर्जा रणनीतिकार और विदेश नीति सलाहकार हैं। उन्हें ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु नीति और वैश्विक ऊर्जा संक्रमण के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है।

Oil drums are marked with the flag of Venezuela.
वेनेज़ुएला के ध्वज से चिह्नित तेल के ड्रम। · Shutterstock

10 फ़रवरी 2026 को ब्लूमबर्ग ने ख़बर दी कि कारोबारियों ने वेनेज़ुएला का कच्चा तेल इसराइल के बज़ान ग्रुप (Bazan Group) को भेजा, जो हाइफ़ा में देश की सबसे बड़ी रिफ़ाइनरी संचालक कंपनी है। Kpler के शिपिंग आंकड़ों के मुताबिक़, यह खेप 2020 के मध्य के बाद वेनेज़ुएला से इसराइल को हुई पहली आपूर्ति है, जब इसराइल ने लगभग 470,000 बैरल आयात किए थे।

उद्योग सूत्रों के मुताबिक़, एक बड़ी ट्रांस-अटलांटिक खेप में से लगभग 200,000 बैरल बज़ान की हाइफ़ा रिफ़ाइनरी की ओर जा रहे हैं, जो प्रतिदिन क़रीब 197,000 बैरल प्रसंस्कृत करती है। रिफ़ाइनरियाँ इस भारी कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा संभवतः बिटुमेन उत्पादन में इस्तेमाल करेंगी, जबकि खेप के अन्य हिस्से इटली और स्पेन की रिफ़ाइनरियों के लिए तय हैं।

मात्रा को संदर्भ में रखें तो 200,000 बैरल की खेप हाइफ़ा के आकार की रिफ़ाइनरी को लगभग एक दिन तक आपूर्ति दे सकती है। वैश्विक पैमाने पर यह मामूली है, फिर भी अलग-अलग खेपों का परिचालन महत्व बना रहता है, क्योंकि रिफ़ाइनरियों को रोज़ाना स्थिर थ्रूपुट बनाए रखना होता है। एक अकेली, विविधीकृत खेप भी आपूर्ति का लचीलापन बढ़ा सकती है और ख़रीद से जुड़े जोखिम घटा सकती है।

वेनेज़ुएला के अधिकारियों ने इसराइल को किसी सीधी बिक्री से इनकार किया। सूचना मंत्री मिगेल पेरेज़ पिरेला (Miguel Pérez Pirela) ने ऐसी ख़बरों को गढ़ी हुई बताया और कहा कि वेनेज़ुएला कारोबारियों को तेल बेचता है और अंतिम गंतव्य पर उसका नियंत्रण नहीं होता। हालांकि टैंकर-ट्रैकिंग आंकड़े और उद्योग रिपोर्टिंग से पता चलता है कि बिचौलिए अक्सर अंतिम ख़रीदारों को छिपाते हैं, और सरकारी इनकार के बावजूद यह खेप अपने इच्छित बाज़ार तक पहुंची हुई लगती है।

यह खेप एक नाटकीय राजनीतिक बदलाव के बाद वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्र में आए गहरे परिवर्तनों को दर्शाती है। 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी बलों ने काराकास में एक अभियान के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया और उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी तथा हथियारों से जुड़े अपराधों समेत संघीय आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क प्रत्यर्पित कर दिया। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ (Delcy Rodríguez) ने सत्ता संभाली और तेल उत्पादन बहाल करने तथा विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए तेज़ी से क़दम उठाए।

वॉशिंगटन ने अहम प्रतिबंधों में ढील दी और वेनेज़ुएला के तेल निर्यात पर निगरानी का ढांचा फिर से तैयार किया, ताकि राजस्व पुनर्निर्माण की ओर मोड़ा जा सके और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों तथा ट्रेडिंग हाउसों को बाज़ार में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। कुछ ही हफ़्तों में रोड्रिगेज़ ने ऐसे सुधारों को मंज़ूरी दी, जिन्होंने तेल क्षेत्र को निजी भागीदारी के लिए खोल दिया और सरकारी तेल कंपनी PDVSA के लंबे समय से चले आ रहे एकाधिकार को कमज़ोर किया। अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से इन उपायों का समर्थन किया और अनुमान जताया कि निवेश जारी रहा तो उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

इन सुधारों का उद्देश्य आधुनिक तेल इतिहास की सबसे तीखी उत्पादन गिरावटों में से एक को पलटना है। वेनेज़ुएला के पास 300 अरब बैरल से अधिक सिद्ध भंडार हैं, जो दुनिया में सबसे बड़े हैं। फिर भी वर्षों के कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और प्रतिबंधों ने उत्पादन को 1990 के दशक में 3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से अधिक के स्तर से घटाकर 2020-2025 तक लगभग 360,000-500,000 बैरल प्रतिदिन पर पहुंचा दिया।

मादुरो के हटाए जाने के बाद से निर्यात में सुधार शुरू हो गया है, क्योंकि कारोबारियों ने भंडार खपाए और औपचारिक शिपिंग चैनल फिर खोले। अगर सुधार टिके रहे तो 2026 के मध्य तक उत्पादन बढ़कर लगभग 1.1 मिलियन से 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो सकता है। यह स्तर वेनेज़ुएला के ऐतिहासिक शिखर से बहुत नीचे रहेगा, फिर भी वैश्विक बाज़ारों में भारी कच्चे तेल की पर्याप्त मात्रा जोड़ देगा।

इसराइल के लिए वेनेज़ुएला के तेल तक पहुंच का एक स्पष्ट रणनीतिक लाभ है: विविधीकरण। इसराइल अपना लगभग पूरा कच्चा तेल आयात करता है और आपूर्ति बाधित होने की आशंका घटाने के लिए जानबूझकर कई आपूर्तिकर्ताओं के बीच ख़रीद बांटता है। पिछले आपूर्तिकर्ताओं में अज़रबैजान, कज़ाख़स्तान, इराक़ी कुर्दिस्तान और अन्य उत्पादकों से स्पॉट ख़रीद शामिल रही है।

मेरेय (Merey) जैसे भारी वेनेज़ुएलाई ग्रेड हाइफ़ा रिफ़ाइनरी की तकनीकी ज़रूरतों से मेल खाते हैं और अक्सर प्रतिस्पर्धी क़ीमतों पर कारोबार करते हैं। क्षेत्रीय शिपिंग जोखिम बढ़ने के दौर में यह अनुकूलता मायने रखती है, ख़ासकर लाल सागर में वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमलों और ईरान से जुड़े जारी तनावों के बाद। हर अतिरिक्त आपूर्तिकर्ता किसी एक गलियारे पर निर्भरता घटाता है और इसराइल की ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत करता है।

वैश्विक बाज़ारों में वेनेज़ुएलाई तेल की वापसी व्यापार के पैटर्न को भी नया रूप दे रही है। चीन पहले वेनेज़ुएला के निर्यात का बड़ा हिस्सा ख़रीदता था, अक्सर रियायती क़ीमतों पर। जैसे-जैसे वेनेज़ुएलाई कच्चा तेल ख़रीदारों के व्यापक दायरे तक पहुंचेगा, चीनी रिफ़ाइनरियों को रूस या मध्य पूर्व से भारी ग्रेड जुटाने पड़ सकते हैं, जिससे ये बाज़ार तंग हो सकते हैं और क़ीमतों को सहारा मिल सकता है।

भारत को इस बदलाव से फ़ायदा हो सकता है। उसका बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत रिफ़ाइनिंग क्षेत्र भारी कच्चे तेल का कुशलता से प्रसंस्करण कर सकता है, और वेनेज़ुएला से अतिरिक्त आपूर्ति लचीलापन तथा मार्जिन, दोनों बेहतर करती है। ये समायोजन दिखाते हैं कि किसी एक उत्पादक देश की राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में किस तरह लहरें पैदा कर सकता है।

भू-राजनीतिक रूप से वेनेज़ुएला का यह संक्रमण क्षेत्रीय गोलबंदियों को बदल रहा है। मादुरो ने रूस, चीन और ईरान के साथ नज़दीकी संबंध बनाए रखे थे, जबकि नया नेतृत्व अमेरिका और पश्चिमी निवेशकों के साथ सहयोग की ओर बढ़ा है। कई लैटिन अमेरिकी सरकारों ने नेतृत्व परिवर्तन की परिस्थितियों की आलोचना की है, संप्रभुता और बाहरी हस्तक्षेप को लेकर चिंताएं जताई हैं; यह संक्रमण से जुड़ी व्यापक राजनीतिक बहस को रेखांकित करता है।

फिर भी अनिश्चितता बहुत अधिक है। वेनेज़ुएला के तेल ढांचे की व्यापक मरम्मत ज़रूरी है, और उत्पादन दोबारा खड़ा करना निरंतर निवेश, तकनीकी विशेषज्ञता और राजनीतिक स्थिरता पर निर्भर है। आंतरिक विभाजन और जनता का संदेह सुधारों की रफ़्तार धीमी कर सकते हैं या निवेशकों को हतोत्साहित कर सकते हैं, जबकि उत्पादन में तेज़ बढ़ोतरी पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) के लिए आपूर्ति प्रबंधन और क़ीमतों को स्थिर रखने की कोशिशों को पेचीदा बना सकती है।

इसराइल भेजी गई यह खेप दिखाती है कि भू-राजनीतिक झटके कितनी तेज़ी से तेल के प्रवाह की दिशा बदल सकते हैं। 200,000 बैरल की एक खेप वैश्विक बाज़ारों को नहीं बदलेगी, लेकिन यह पहले से जारी एक व्यापक पुनर्संयोजन का संकेत देती है। जैसे-जैसे वेनेज़ुएला अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों में लौट रहा है और ख़रीदार विविध आपूर्ति के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, राजनीतिक बदलाव तेल की आवाजाही को पाइपलाइनों और टैंकरों जितनी ही निर्णायकता से आकार देता रहेगा।

मूल अंग्रेज़ी लेख पढ़ें: Venezuela’s Return to Oil Markets Enhances Israel’s Energy Security

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